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तुलसी का पत्ता तोड़ने से पहले जान लें ये नियम, वरना हो सकता है नुकसान !!

by Khabar7 - 13-Jul-2021 | 12:12:27
तुलसी का पत्ता तोड़ने से पहले जान लें ये नियम, वरना हो सकता है नुकसान !!

15 जुलाई 2021,

नई दिल्ली !!

हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत महत्वपूर्ण होता है. शास्त्रों में भी इसके महत्व के बारे में बताया गया है।  इतना ही नहीं, तुलसी पत्ते का इस्तेमाल, औषधीय रूप में भी किया जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल लगभग हर पूजा में किया जाता है। मान्यता है कि, इसके बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।

तुलसी भगवान विष्णु की बहुत प्रिय है. इसके अलावा हनुमानजी की पूजा अनुष्ठान में भी तुलसी का उपयोग होता है। हिंदू धर्म में तुलसी और गंगाजल को बासी नहीं माना गया है. कहते हैं कि जहां तुलसी की विधि- विधान से पूजा होती है वहां हमेशा सुख- समृद्धि बनी रहती है. लेकिन क्या आप जानते हैं तुलसी के पत्ते को तोड़ने से पहले उसके कुछ नियम होते हैं। अगर आपको नहीं पता है तो इन नियमों के बारे में आप भी जान लें।

 आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में....!

1.  वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे को उत्तर और पूर्व दिशा में लगाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके पौधे को रसोई के पास बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक उर्जा बढ़ती है।

2.   भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश को अर्पित नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि, इसके पत्तों को बिना स्नान के नहीं छूना या तोड़ना चाहिए।

3.  अगर घर में रखा हुआ तुलसी का पौधा किसी कारण से सूख जाता है तो लोग उसे यहां वहां फेंक देते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए बल्कि कहीं भी फेंकने की बजाय किसी पवित्र बहती हुई नदी में ही प्रवाहित करें किसी कारणवश ऐसा ना कर सके तो उसे मिट्टी में दबा देना चाहिए।

4.  एक विशेष नियम का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। वह नियम यह है कि, रविवार के दिन तुलसी का पत्ता तोड़ना अच्छा नहीं होता है। माना जाता है कि, ये दिन भगवान विष्णु का प्रिय दिन माना जाता है। इसलिए तुलसी का पत्ता तोड़ने से घर में अशुभता आती है।

5.  तुलसी के पत्ते को एकादशी, संक्रान्ति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और शाम के समय में तुलसी का पत्ता कदापि नहीं तोड़ना चाहिए। कहते हैं कि, तुलसी के पत्तों को कभी भी नाखूनों से नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से दोष लगता है। आप नाखूनों की जगह उंगलियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

तुलसी का औषधीय महत्व -

अनेको धार्मिक मान्यताओं के साथ-सथ तुलसी का आयुर्वेद में भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। आदि काल से ही सभी आयुर्वेदाचार्य सभी तरीके के अनेक प्रकार रोग के इलाज में तुलसी का इस्तेमाल करते रहे हैं।

आज के आधुनिक जमाने में भी अधिकांश घरों में तुलसी के पत्ते का, सर्दी-जुकाम व बुखार के लिए तुलसी के पत्तों को काढ़ा, गर्म पानी, चाय आदि में इस्तेमाल होता हैं। इससे रोगी को जल्दी आराम मिलता है।

तुलसी में प्रचुर मात्रा में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं।
इसका इस्तेमाल करने से आप बीमारियों से दूर रहते हैं। तुलसी का पौधा लगाने से आसपास की हवा शुद्ध रहती है। इसका इस्तेमाल करने से श्वास संबंधी बीमारियां भी जल्दी दूर होती है।

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