khabar7 logo
rajhasthan

राजस्थान : गहलोत सरकार पर फिर संकट के बादल, पायलट से मिलने पहुंचे 8 विधायक !!

by Khabar7 - 10-Jun-2021 | 15:57:23
राजस्थान : गहलोत सरकार पर फिर संकट के बादल, पायलट से मिलने पहुंचे 8 विधायक !!

10 जून 2021,

हाईलाइट्स -

साथी विधायकों संग सचिन पायलट की बैठक !

कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर रणनीति पर विचार !

पायलट ने पार्टी के लिए किया संघर्ष !

जयपुर !!

जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के साथ ही राजस्थान का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की राजनीति अब पूरी तरह एक्टिव दिखाई दे रही है। इसकी बानगी गुरुवार को भी देखने को मिली। जानकारी मिली है कि सचिन पायलट के सिविल लाइन स्थित उनके सरकारी आवास पर उनके सबसे खास आठ विधायकों की बैठक हुई है। इसमें पायलट के खास माने जाने वाले युवा नेता और परबतसर विधायक राम निवास गावड़िया, विश्ववेंद्र सिंह, पीआर मीणा, मुकेश कुमार जैसे नेता शामिल हुए हैं। लिहाजा अब सियासी हलकों में चर्चा का बाजार गर्म है। इस बैठक ने सचिन पायलट के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को भी तेज कर दिया है।

पायलट से मिलने के बाद विधायक मुकेश भाकर और रामनिवास गावड़िया ने कहा कि कल होने वाले प्रदर्शन को लेकर चर्चा हुई है. स्व. राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा में कार्यक्रम करेंगे. हम लोग अपने जिले और ब्लॉक में रहकर श्रद्धांजलि देंगे. उन्होंने कहा कि हम लोग पायलट के साथ मजबूती से खड़े हैं|

10 महीने बीत चुके हैं !

विधायकों ने कहा कि आलाकमान को कार्यकर्ताओं से जुड़े मसले सुलझाने चाहिए. राजनीतिक नियुक्तियों में हो रही देरी से कार्यकर्ता हताश हो रहे हैं. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह ने भी सोच समझ कर बात कही होगी. 5 साल संघर्ष करने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं की आवाज को उन्होंने बुलंद किया है. जिन लोगों का पार्टी के लिए योगदान है उन्हें उनका हक मिलना चाहिए. आलाकमान ने जो वादे किए उन्हें पूरा करना चाहिए. 10 महीने बीत चुके हैं|

विधायकों का यह भी कहना था कि जिस तरह से सिद्धू की बात सुनी गई है. उसी तरह पायलट की बात भी सुनी जानी चाहिए थी. हमारा संघर्ष जारी है और करते रहेंगे. वहीं विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने भी यही बातें दोहरायी. उन्होंने कहा कि अभी आलाकमान से मिलने का वक्त नहीं मांगा गया है. सोलंकी ने कहा कि हम जिस तरह रोज भगवान के मंदिर जाते हैं. उसी तरह से हम रोज गहलोत के यहां गुहार लगाते हैं. देखते हैं हमारी बात कब सुनी जाती है|

Share: