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महाराष्ट्र : CM ठाकरे के सलाहकार पर IT विभाग का शिकंजा, फ्लैट की हो रही जांच !!

by Khabar7 - 20-Jul-2021 | 13:18:02
महाराष्ट्र : CM ठाकरे के सलाहकार पर IT विभाग का शिकंजा, फ्लैट की हो रही जांच !!

20 जुलाई 2021,

हाईलाइट्स -

पूर्व अफसर अजोय मेहता पर IT की नज़र !

बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में जांच जारी !

नरीमन प्वाइंट में एक प्रॉपर्टी की हुई थी डीलिंग !

मुंबई !!

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सलाहकार और पूर्व अफसर अजोय मेहता इस वक्त आयकर विभाग के रडार पर हैं. अजोय मेहता के नरीमन प्वाइंट वाले फ्लैट से जुड़ी डील पर आयकर विभाग बेनामी संपत्ति के तहत जांच कर रहा है. बता दें कि अजोय मेहता को इसी साल फरवरी में MahaRera का चेयरमैन बनाया गया था|

आयकर विभाग के बेनामी सेक्शन की ओर से एक केस का खुलासा किया गया है. जिसमें नरीमन प्वाइंट में एक प्रॉपर्टी की डीलिंग हुई थी, जो कि एक शेल कंपनी और रिटायर्ड अफसर के बीच हुई थी|
 
चॉल में रहते हैं शेयरहोल्डर !

जानकारी के मुताबिक, अजोय मेहता ने नरीमन प्वाइंट इलाके में एक फ्लैट खरीदा था, जो कि शेल कंपनी अनामित्रा प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड से खरीदा गया था. इस कंपनी के दो शेयरहोल्डर हैं, जो कि मुंबई के चॉल में रहते हैं|

सूत्रों के अनुसार, इस कंपनी को सिर्फ यही डील करने के लिए बनाया गया था. इसी की वजह से आयकर विभाग का शक इस ओर गया. इस कंपनी की बैलेंस शीट में कई खामियां हैं, साथ ही शेयरहोल्डर्स भी नॉन-फाइलर हैं, जो गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं. अजोय मेहता ने पिछले साल 1076 स्क्वायर फीट का ये फ्लैट 5.33 करोड़ रुपये में खरीदा था. बताया गया है कि ये प्रॉपर्टी साल 2009 में अनामित्रा प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड के पास थी, तब इसकी कीमत 4 करोड़ रुपये थी|

शेयरहोल्डर्स की इनकम कम, अजोय ने दी सफाई !

कंपनी के शेयर होल्डर कमेश नथुनी सिंह जिनके पास 99 फीसदी शेयर हैं, वह एक नॉन फाइलर हैं. उनका पता ओबरॉय मॉल के पास बताया गया है, जबकि दूसरे शेयर होल्डर दीपेश रवींद्र सिंह हैं, जिन्होंने सिर्फ एक रिटर्न भरा है जिसमें इनकम 1,71,002 रुपये बताई गई है. ऐसे में साफ संकेत है कि कंपनी के शेयरहोल्डर वो लोग दिखा रखे हैं, जिनकी इनकम कम है और इतनी बड़ी कीमत वाली प्रॉपर्टी रखना उनके लिए मुश्किल है|

इस पूरे विवाद पर अजोय मेहता ने इंडिया टुडे से बात की. उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी के मालिक की जानकारी होने का मेरे पास कोई कारण नहीं है. यह एक लीगल डील थी, जो सही तरीके से की गई थी. और मैंने मार्केट के दाम के अनुसार पेमेंट की थी. ऐसे में उन्हें पता नहीं है कि ये सब कहां से आ रहा है|

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