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शासनादेश : डॉक्टर के पर्चे के बिना ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर तीमारदार !!

by Khabar7 - 03-May-2021 | 20:29:02
शासनादेश : डॉक्टर के पर्चे के बिना ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर तीमारदार !!

03 मई 2021,

हाईलाइट्स -

परेशान हो रहे मरीज और तीमारदार !

डॉक्टर का पर्चा मांग रहे एजेंसी वाले !

तीमारदारों पर ऑक्सीजन लाने का दबाव बना रहा प्रशासन !

अस्पतालों को ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित है !

मुरादाबाद !!

मुरादाबाद महानगर में अस्पतालों में ना बेड की कमी है ना ऑक्सीजन की ना ही किसी अन्य चिकित्सीय सुविधा की यह दावा है प्रशासन का, लेकिन मरीज और तीमारदार लगातार परेशान हैं। आलम यह है कि ऑक्सीजन चाहिए तो एजेंसी वाले डॉक्टर का पर्चा मांग रहे हैं, लेकिन डॉक्टर पर्चा नहीं लिख रहे हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि डॉक्टरों को पर्चा लिखने में क्या परेशानी है। उधर, गैस एजेंसियों पर प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति कर दी है, उनकी मजबूरी है जो बिना डॉक्टरों के पर्चे के ऑक्सीजन देने को तैयार नहीं हैं।

क्यों इधर-उधर भटक रहे तीमारदार ?

कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। अस्पतालों में मरीज को ले जाते ही सबसे पहले ऑक्सीजन की डिमांड की जा रही है। खबर से मैंने कल भी इस मामले पर एक खबर लगाई थी जिसमें बताया गया था कि कैसे अस्पताल मरीज को ले जाते ही ऑक्सीजन की डिमांड कर रहे हैं हालांकि इस बात को साबित करने के लिए मरीज या उनके तीमारदारों के पास कोई सबूत नहीं होता अस्पताल प्रशासन टका सा जवाब देकर कि मरीज अपने आप ऑक्सीजन का इंतजाम स्वयं उसे कर रहे हैं यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। सवाल यह है कि अगर ऑक्सीजन अस्पताल स्वयं मुहैया करा रहे हैं तो तीमारदार क्यों इधर-उधर भटक रहे हैं उन्हें भटकने की क्या जरूरत है। मतलब साफ है कि अस्पताल प्रशासन मरीज के आते ही तीमारदारों पर ऑक्सीजन लाने का दबाव बना देते हैं।

तीमारदार हाथों में सिलिंडर लिए गैस गोदामों के बाहर भटक रहे हैं। सुबह से लेकर रात तक लोग ऑक्सीजन के इंतजार में खड़े रहते हैं। वहीं कुछ तीमारदार ऐसे होते हैं, जिनके पास न तो खाली सिलिंडर हैं और न ही उनकी जमानत राशि जमा करने के लिए दस हजार रुपये की रकम। पर्याप्त ऑक्सीजन होने के दावों के बाद भी शहर में ऑक्सीजन सिलिंडर का काम करने वाली गैस एजेंसियों पर सुबह से लाइन लग जाती है। 

दिक्कत होने पर घर पर ही इलाज कर रहे मरीज !

ऑक्सीजन के लिए एक एजेंसी से दूसरी पर घूम रहे ऐसे ही एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि, उनके पिता सांस रोगी हैं। उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। उनके पास डॉक्टर का पर्चा नहीं है, क्योंकि दिक्कत होने पर घर पर ही इलाज कर रहे हैं। वे दो एजेंसियों पर प्रयास के बाद अब यहां आए हैं। लाकड़ी फाजलपुर ऑक्सीजन गैस एजेंसी पर एक अन्य की तीमारदार का कहना है कि, उनके बड़े भाई का इलाज शहर के एक अस्पताल में चल रहा है। ऑक्सीजन की जरूरत है, लेकिन डॉक्टर पर्चे पर लिखकर नहीं दे रहे हैं। ऐसे सैकड़ों बीमार और उनके तीमारदार हैं जिनको ऑक्सीजन की जरूरत है और वह दर-दर भटक रहे हैं दरअसल सरकार ने ऑक्सीजन लेने के लिए डॉक्टर के पर्चे की अनिवार्य बना दिया है।

अब खबर का दूसरा पहलू देखिए सरकार ने यह भी आदेश दे दिए हैं कि किसी तीमारदार से ऑक्सीजन नहीं मनाई जाएगी सरकार के इस आदेश के बाद ही महानगर के डॉक्टर परिचय लिखने से बच रहे हैं। क्योंकि कल को उनसे पूछा जा सकता है कि, आपने मरीज के लिए ऑक्सीजन क्यों मंगवाई।

भरपूर ऑक्सीजन ले रहे अस्पताल, तो भी तीमारदारों को दौड़ा रहे !

शहर के कोविड अस्पतालों का ऑक्सीजन कोटा निर्धारित कर दिया गया है। सभी के पास निर्धारित कोटे के हिसाब से ऑक्सीजन पहुंचती है, लेकिन डॉक्टर तीमारदारों से ही ऑक्सीजन मंगवा रहे हैं। दिल्ली रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कोविड मरीज के पुत्र से डॉक्टर ने ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने को कहा। बेटा एजेंसी पर पहुंचा, जहां उससे खाली सिलिंडर लाने को कहा गया। काफी प्रयास के बाद भी खाली सिलिंडर नहीं मिला तो वह फिर एजेंसी पर पहुंचा और जमानत राशि जमा कर सिलिंडर देने को कहा। इस पर उससे डॉक्टर के पर्चे की मांग की गई। अब वह अस्पताल आया तो डॉक्टर ने पर्चा लिखकर देने से मना कर दिया। कहा कि ऑक्सीजन की व्यवस्था उसे खुद करनी चाहिए। दरअसल अस्पतालों को ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित है। उतनी गैस उन्हें रोजाना मिल रही है, इसलिए वह पर्चे पर लिखकर नहीं दे पा रहे हैं।

छापेमारी की सूचना लीक, नहीं पकड़े गए कालाबाजारी के आरोपी !

गत दिवस एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी को एकता कॉलोनी में ऑक्सीजन की कालाबाजारी की सूचना मिली थी, जिस पर उन्होंने पुलिस बल के साथ छापा मारा, लेकिन किसी को पकड़ा नहीं जा सका। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सूचना लीक हो गई, जिससे कालाबाजारी करने वाले भाग निकले। एसडीएम ने कहा है कि सही खबर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कराकर काला बाजारी में संलिप्त लोगों को जेल भेजा जाएगा।

कोविड अस्पताल ऑक्सीजन मांगे तो प्रशासन को बताएं !

वही नव आगंतुक कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने भी कहा है कि कोविड अस्पतालों को डिमांड के अनुसार ऑक्सीजन दी जा रही है। इसके बाद भी यदि तीमारदारों से ऑक्सीजन मंगाई जा रही है तो कोविड कंट्रोल रूम को, संबंधित अस्पताल के नोडल अधिकारी अथवा उन्हें जानकारी दें तो संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि ऑक्सीजन की किल्लत के पीछे रैकेट सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है। यदि किसी की संलिप्तता मिली तो सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा।

ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि मरीज के तीमारदार प्रशासन से अस्पताल प्रबंधन की शिकायत करके उनकी नाराजगी मोल ले या अपने मरीज की उखड़ती सांसो को थामने के लिए अस्पताल प्रबंधन और वहां इलाज कर रहे डॉक्टरों की बात मानने को तैयार रहें।

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