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किसान आंदोलन : बोरवेल लगाने और पक्के मकान बनाने पर किसानों के खिलाफ FIR !!

by Khabar7 - 14-Mar-2021 | 11:18:48
किसान आंदोलन : बोरवेल लगाने और पक्के मकान बनाने पर किसानों के खिलाफ FIR !!

14 मार्च 2021,

हाईलाइट्स -

अमृतसर में किसानों ने सांसद श्वेत मलिक को घेरा !

हरियाणा में भाजपा नेताओं के कार्यक्रम रद्द !

23 मार्च को टीकरी बॉर्डर पहुंचेगा युवाओं का पैदल जत्था !

पंजाब !!

कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के खिलाफ हाईवे पर पक्के मकान बनाने शुरू करने और बोरवेल लगाने पर NHAI और नगर पालिका ने मुकदमे दर्ज कराए हैं। इस बीच किसानों के विरोध को देखते हुए भाजपा नेताओं के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। पंजाब में जहां सांसद श्वेत मलिक का घेराव किया गया वहीं हरियाणा के झज्जर और करनाल में विरोध की आशंका के चलते भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम रद्द कर दिए। 

जांच के बाद होगा नामों का खुलासा !

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद ने किसानों पर कुंडली स्थित कार एजेंसी के सामने हाईवे पर पक्के मकान बनाने शुरू करने पर मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं नगर पालिका अधिकारी पवन कुमार ने केएफसी के पास रास्ते में बोरवेल लगाने पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। उक्त मुकदमों में किसी का नाम शामिल नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही नामों का खुलासा होगा। 

इधर, पंजाब के अमृतसर में रंजीत एवेन्यू समेत एक सरकारी अस्पताल में शनिवार को कोरोना के टीकाकरण की निगरानी के लिए गए सांसद श्वेत मलिक को किसानों ने घेर लिया। किसानों ने मलिक की गाड़ी को रोककर कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

भाजपा नेताओं का विरोध करते रहेंगे किसान !

सुरक्षा कर्मचारियों और पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। किसान-मजदूर संगठन के सदस्यों ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते, किसान भाजपा नेताओं का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने मलिक से कहा कि वह किसानों के समर्थन में भाजपा से इस्तीफा दें। वहीं मलिक ने कहा उनका घेराव किसानों ने नहीं कांग्रेस पार्टी के समर्थकों ने किया है। अब किसानों के नाम पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के पक्ष में 90 फीसदी किसान हैं।

इस बीच करनाल में भी किसानों की घेराव चेतावनी के चलते गोशाला के धार्मिक कार्यक्रम में विधायक धर्मपाल गोंदर नहीं पहुंचे। किसानों ने डाचर रोड पर काले झंडे लेकर एक घंटे तक नारेबाजी की। किसान ने कहा कि हमने वोट देकर विधायक बनाया था। विधानसभा में विधायक गोंदर ने किसानों का समर्थन नहीं किया। 

नेताओं को काले झंडे दिखाने पहुंचे किसान !

वहीं झज्जर के गुरुकुल महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में आने वाले नेताओं को किसान काले झंडे दिखाने पहुंच गए। इसके मद्देनजर नेताओं ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए। किसान सड़क किनारे बैठे रहे। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और कृषि मंत्री जेपी दलाल समेत भाजपा-जजपा के अन्य नेताओं को आना था।

इस बीच शनिवार को अलवर सहित विभिन्न स्थानों से 150 से अधिक किसान खेड़ा बॉर्डर के धरनास्थल पर पहुंचे। इसके अलावा जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर संयुक्त किसान मोर्चा व सीटू की बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि 18 मार्च को खटकड़ टोल प्लाजा से युवाओं का पैदल जत्था टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना होगा। यह 23 मार्च को शहीदी दिवस पर टीकरी बॉर्डर पहुंचेगा।
 
कल ट्रेड यूनियनों के साथ प्रदर्शन करेंगे किसान !

डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों के खिलाफ किसान अब ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर अंबाला में धरना स्थल पर प्रदर्शन करेंगे। इसको लेकर धरना स्थल पर किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई भी हम जनता के लिए ही लड़ रहे हैं और लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दाम का सीधा असर जनता और किसानों दोनों पर पड़ रहा है। ऐसे में कृषि कानूनों के साथ बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों के खिलाफ भी आवाज उठाना जरूरी है। 

भाकियू के जिला उप प्रधान गुलाब सिंह ने कहा कि इसी को लेकर ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। 15 मार्च को शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर पेट्रोल और डीजल के दाम पर नियंत्रित करने के लिए आवाज उठाएंगे।

किसानों का महासम्मेलन आज !

जिले के गांव जगा राम तीर्थ में संयुक्त किसान मोर्चा के हक में रविवार को किसान महासम्मेलन होगा। यूथ क्लब के नेता राजिंदरपाल सिंह ने बताया कि महासम्मेलन में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, सुखजीत सिंह बराड़, पूर्व डीआईजी हरिंदर सिंह चाहल, अभिनेता योगराज सिंह भी शिरकत कर अपने विचार रखेंगे।

सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। कृषि कानूनों के विरोध में महाराजा अग्रसेन चौक के पास चल रहे आंदोलन में गांव छाजला के किसान अवतार सिंह (36) ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत खराब होते देख किसानों ने उसे निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने दावा किया कि कृषि कानूनों के विरोध और आर्थिक हालात तंग होने के कारण उसने ऐसा कदम उठाया है।

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