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कर्नाटक : वेंटिलेटर-ऑक्सिजन की कमी से 8 और मरीजों की मौत, 72 घंटे में आंकड़ा 40 के पार !!

by Khabar7 - 06-May-2021 | 12:34:37
कर्नाटक : वेंटिलेटर-ऑक्सिजन की कमी से 8 और मरीजों की मौत, 72 घंटे में आंकड़ा 40 के पार !!

06 मई 2021,

हाईलाइट्स -

ऑक्सिजन की कमी से नहीं हुई मौत : अधिकारी !

जिला प्रशासन ने जांच के लिए समिति का गठन किया !

अस्पताल में 2KL क्षमता का ऑक्सिजन कंटेनर मौजूद !

बेंगलुरु !!

कर्नाटक में वेंटिलेटर और ऑक्सिजन की कमी से आठ और कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया। आठ और मरीजों की मौत के बाद राज्य में ऑक्सिजन और वेंटिलेटर न मिलने से मरने वालों का आंकड़ा 72 घंटे में बढ़कर 40 हो गया है।

हुबली के एक अस्पताल से पांच लोगों की मौत हो गई, हालांकि अधिकारियों ने ऑक्सिजन की कमी के कारण मौत होने से इनकार किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सिजन की आपूर्ति बाधित होने के बाद शाम 4.30 बजे के आसपास मरीजों की मौत हो गई, जिला प्रशासन ने मौत के कारणों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई !

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यशवंत मडिनकर ने कहा कि अस्पताल में 30 जंबो ऑक्सिजन सिलेंडर हैं जबकि यहां 21 कोविड मरीजों का इलाज चल रहा था। तर्क दिया कि ऑक्सिजन की कमी के कारण मरीजों की मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 2KL क्षमता का ऑक्सिजन कंटेनर है और प्राकृतिक हवा के उपयोग से 85,000 लीटर ऑक्सिजन का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि अगर ऑक्सिजन की कमी होती है तो सिस्टम इसका अलर्ट पहले ही भेज देता।

इस घटना से दो दिन पहले चामराजनगर अस्पताल में 24 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी। बुधवार को 26 वर्षीय एक युवक की अस्पताल में मौत हो गई। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवक को अस्पताल में उस बेड से हटा दिया गया जिस पर ऑक्सिजन की व्यवस्था थी। युवक की मौत के बाद उनके परिवार ने विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल की खिड़कियां तोड़ दी थीं।
 
इन मरीजों की भी हुई मौत !

बेलागवी में, एक 58 वर्षीय कोविड संदिग्ध मौत हो गई। उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि वह उसे रिक्शा में लेकर वेंटिलेटर बेड क तलाश में भटकते रहे। उन्हें बेलागवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे साममेद ने बताया कि वह अपने पिता को लेकर पांच प्राइवेट अस्पतालों में गए, लेकिन उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिला। मदिकेरी में, एक कोविड मरीज की ऐंबुलेंस में ही मौत हो गई थी। वह सोमवारपेट में एक बार में काम करता था और बाजेगुंडी गांव का रहने वाला था।

सरकार के दावों के बावजूद, जिलों के अस्पतालों में ऐक्टिव मामलों की संख्या इतनी ज्यादा है कि मरीजों को ऑक्सिजन और वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहा है। राज्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि उनके पास भंडारण में पर्याप्त ऑक्सिजन है, लेकिन उन्हें ऑक्सिजन भरने के लिए सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिलों के कई निजी अस्पतालों ने ऑक्सिजन संकट के कारण नए रोगियों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है। होम आइसोलेशन में रह रहे कई मरीजों की हालत गंभीर है और मर रहे हैं क्योंकि उन्हें ऑक्सिजन नहीं मिल रहा है।

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