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आसमान में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान, एरो इंडिया शो में गरजे लड़ाकू विमान-हेलिकॉप्टर !!

by Khabar7 - 03-Feb-2021 | 12:10:20
आसमान में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान, एरो इंडिया शो में गरजे लड़ाकू विमान-हेलिकॉप्टर !!

03 फरवरी 2021,

हाईलाइट्स -

एयरो इंडिया शो के 13वें संस्करण का आगाज !

पूरी दुनिया देख रही आत्मनिर्भर भारत की उड़ान !

स्वदेशी तकनीक से बनकर तैयार हुए विमान !

बेंगलुरू !!

रक्षा क्षेत्र में आज का दिन भारत के लिए बेहद खास है. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में पूरी दुनिया आसमान में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान देख रही है. शौर्य के साथ सटीक हमला, पराक्रम के साथ आक्रामकता और रफ्तार के साथ, दुश्मन पर वार. ये सब कुछ एक साथ बेंगलूरू के आसमान में दिख रहा है. यहां एयरो इंडिया शो के 13वें संस्करण का आज से आगाज हो गया है|

5 फरवरी तक चलने वाले एशिया के इस सबसे बड़े एयरो-शो में आत्मनिर्भर फॉर्मेशन से शुरूआत हुई. इस फॉर्मेशन में भारत, अपने उन विमानों की नुमाइश कर रहा है, जो स्वदेशी तकनीक से बनकर तैयार हुए हैं. रूस की मदद से भारत में ही तैयार किए जा रहे सुखोई लड़ाकू विमान, भी आसमान में गरजते दिखाई पड़ें|
 
600 कंपनियों ने करवाया रजिस्ट्रेशन !

एयरो शो, हर दो साल में एक बार आयोजित होता है. जिसमें रक्षा क्षेत्र से जुड़ी देश-दुनिया की कई कंपनियां हिस्सा लेती हैं. इस बार भी नया रिकॉर्ड बना है, क्योंकि एयरो शो में देश विदेश की करीब 600 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. जिसमें 14 देशों की 78 विदेशी कंपनियां शामिल हैं. 203 कंपनियां अपने हथियारों और दूसरे सैन्य-साजो सामान को वर्चुअली प्रदर्शित करेंगी. इसीलिए इसे 'हाईब्रीड-मोड' प्रदर्शनी का नाम दिया गया है|
 
वायुक्षेत्र में भारत के बढ़ते दबदबे की ही देन है कि दुनिया की हर बड़ी रक्षा कंपनी अब मेक इन इंडिया के तहत ही भारत में हथियारों का निर्माण करना चाहती हैं. फिर चाहे वो अमेरिका की बोइंग कंपनी हो जो भारत में एफ-15ईएक्स फाइटर जेट बनाना चाहती है या फिर एयरबस जो टाटा के साथ मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार करना चाहती है|
 
अब तक का सबसे बड़ा "मेक इन इंडिया" डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट !

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि HAL को 83 नए स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के विकास के ऑर्डर मिले हैं - भारतीय वायु सेना से तेजस MK1A का मूल्य 48000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह अब तक का सबसे बड़ा "मेक इन इंडिया" डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट है|
 
वायुक्षेत्र में भारत के बढ़ते दबदबे की ही देन है कि दुनिया की हर बड़ी रक्षा कंपनी अब मेक इन इंडिया के तहत ही भारत में हथियारों का निर्माण करना चाहती हैं. फिर चाहे वो अमेरिका की बोइंग कंपनी हो जो भारत में एफ-15ईएक्स फाइटर जेट बनाना चाहती है या फिर एयरबस जो टाटा के साथ मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार करना चाहती है|

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