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पंजाब: बाजवा का साथ लेकर भी अमरिंदर नहीं रोक सके सिद्धू की ताजपोशी, बने के प्रदेश अध्यक्ष

by Khabar7 - 18-Jul-2021 | 23:10:08
पंजाब: बाजवा का साथ लेकर भी अमरिंदर नहीं रोक सके सिद्धू की ताजपोशी, बने के प्रदेश अध्यक्ष

18 जुलाई 2021


हाईलाइट्स :-


सिद्धू न बने अध्यक्ष, अमरिंदर लगा रहे थे जोर !

आज सुबह बाजवा ने की थी सांसदों की लामबंदी !

प्रियंका और राहुल पसंद पसंद है सिद्धू !

सिद्धू के साथ ही 4 कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त !


नई दिल्ली/चंडीगढ़ !!


जैसी की संभावना जताई जा रही थी, पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज शाम नवजोत सिंह सिद्धू को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसका मतलब है कि, सिद्धू आज और अभी से ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए हैं।

कैप्टन अमरिंदर से तनातनी के बीच सिद्धू की ताजपोशी !

आपको बता दें कि, पिछले काफी समय से राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ नवजोत सिद्धू की तनातनी के बीच कांग्रेस आलाकमान का यह फैसला सामने आया है। जाति समीकरण का संतुलन बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल, कुलजीत सिंह नागरा को पंजाब इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। दलित सिख डैनी, राहुल गांधी की पसंद हैं। वहीं संगत सिंह ओबीसी हैं, गोयल हिंदू हैं और नागरा जाट सिख हैं।

सिद्धू को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने से पहले कांग्रेस की पंजाब इकाई में बैठकों का लंबा दौर चला। इस बीच पार्टी में ही कई विरोधी स्वर भी उठे जिसमें कि सिद्धू को यह जिम्मेदारी न सौंपने की बात की गई। राज्य के 11 विधायकों ने रविवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के समर्थन में आते हुए उन्हें ‘जनता का सबसे बड़ा नेता’ बताया और पार्टी आलाकमान से उन्हें ‘निराश’ नहीं करने का आग्रह किया।

कैप्टन ने की सिद्धू को रोकने की भरपूर कोशिश !

इससे पहले आज सुबह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाजवा ने पंजाब के सांसदों की अपने आवास पर बैठक बुलाई थी, ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाजवा से मुलाकात करके उनसे अपने पक्ष में सहयोग मांगा था, इसके बाद ही बाजवा ने उक्त मीटिंग बुलाई थी। लेकिन इसका भी कोई असर कांग्रेस आलाकमान पर नहीं पड़ा और सिद्धू को आखिर आज श्याम पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। माना जा रहा है कि सिद्धू की ताजपोशी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की बड़ी भूमिका रही, दोनों ही सिद्धू की ताजपोशी के पक्ष में थे।

सिद्धू 2 दिन से कर रहे थे विधायकों की लामबंदी !

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ जारी टकराव के बीच सिद्धू ने रविवार को पटियाला, खन्ना और जालंधर में पार्टी के विधायकों से मुलाकात की जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिद्धू ने सबसे पहले घनौर के विधायक मदन लाल जलालपुर से उनके आवास पर मुलाकात की।

जलालपुर के आवास पर कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहरा और दर्शन बराड़ भी इस मुलाकात में मौजूद थे। सिद्धू ने शूतराना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मल सिंह से भी मुलाकात की,इसके बाद उन्होंने खन्ना के विधायक गुरकीरत सिंह कोटली और पायल के विधायक लखवीर सिंह लाखा से भी मिले।

पिछले काफी समय से बनी हुई थी, टकराव की स्थिति

2015 में हुई बेअदबी के मामले में न्याय में देरी के चलते पिछले काफी समय से सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।  दोनों ही नेताओं ने हाल ही में चंडीगढ़ और पंजाब में अन्य जगहों पर कई बैठकें की हैं, ताकि पार्टी में सुधार से पहले अंतिम समय की रणनीति तैयार की जा सके।

सिद्धू को रोकने को कई बार अमरिंदर ने लिखा था पत्र

सिद्धू पंजाब में कैप्टन का उत्तराधिकारी बनने का लक्ष्य साध रहे हैं और अमरिंदर ऐसा होने देना नहीं चाहते इसीलिए सीएम अमरिंदर ने कई मौकों पर सिद्धू को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिए जाने की संभावना पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने पहले भी सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था जिसमें अरविंदर ने कांग्रेश आलाकमान से कहा था कि, अगर सिद्धू को प्रतिष्ठित पद दिया गया तो पार्टी राज्य में 'विभाजित' हो जाएगी।

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