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कानपुर में दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, तीन ग्रुप में बांटे !!

by Khabar7 - 10-Jun-2021 | 13:20:58
कानपुर में दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, तीन ग्रुप में बांटे !!

10 जून 2021,

हाईलाइट्स -

दुनियाभर में अभी तक इतने छोटे बच्चों पर नहीं हुआ है ट्रायल !

भारत में पहली बार बच्चों पर हो रहा है ट्रायल !

कोरोना वैक्सीन ट्रायल के सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं !

कानपुर !!

कोरोना वायरस की तीसरी लहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा घातक बताई जा रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कानपुर में किया जा रहा है। अभी तक दुनिया में इतने छोटे बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कहीं नहीं किया गया है। बच्चों को तीन ग्रुप में बांटकर वैक्सीन का ट्रायल कानपुर में किया जा रहा है। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

भारत बायोटेक की को-वैक्सीन ने बच्चों पर ट्रायल शुरू किया है। कानपुर के प्रखर हॉस्पिटल में बीते मंगलवार से बच्चों पर ट्रायल शुरू किया गया था। वैक्सीन ट्रायल के लिए बच्चों को तीन ग्रुप में बांटा गया है। पहले ग्रुप में दो साल से छह साल, दूसरे ग्रुप में 6 साल से 12 साल और तीसरे ग्रुप में 12 साल से 18 साल के बच्चों को रखा गया है।

ऐसे हुआ वैक्सीन का ट्रायल !

वैक्सीन ट्रायल के पहले दिन 12 साल से 18 साल के 40 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें से 20 बच्चे वैक्सीन के लिए फिट पाए गए। उन बच्चों को वैक्सीन लगा दी गई। बीते बुधवार को छह साल से 12 साल के 10 बच्चों का पहले मेडिकल चेकअप किया गया। जिसमें से वैक्सीन के लिए 5 बच्चे फिट पाए गए। उन्हें भी वैक्सीन लगा दी गई। इसके बाद 45 मिनट तक बच्चों को आब्जर्वेशन में रखा गया। जिसमें से दो बच्चों के इंजेक्शन लगने वाले स्थान पर हल्के से लाल निशान पड़े थे, जिसे सामान्य बात मानी जाती है।

दुनिया में इतने छोटे बच्चों पर दुनिया में पहला ट्रायल !

वैक्सीन ट्रायल के चीफ इंवेस्टीगेटर बाल रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर वीएन त्रिपाठी का कहना है कि दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का दुनिया में पहला ट्रायल है। इतने छोटे बच्चों पर कहीं भी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है। अब दो साल के बच्चों की बारी है, जिन पर वैक्सीन का ट्रायल होगा।

कानपुर में इससे पहले बड़े लोगों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल किया जा चुका है। रूसी वैक्सीन स्पूतनिक और जाइडस कैडिला का ट्रायल हो चुका है। वैक्सीन बनाने वाली अन्य कंपनियां भी कानपुर में ट्रायल की योजना बना रही हैं। को-वैक्सीन की नेजल स्प्रे अगले महीने आने वाली है।

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