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PM मोदी ने सूरत में रखी छात्रावास की आधारशिला, कहा- अब पढ़ाई का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं !!

by Khabar7 - 15-Oct-2021 | 13:04:21
PM मोदी ने सूरत में रखी छात्रावास की आधारशिला, कहा- अब पढ़ाई का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं !!

15 अक्टूबर 2021,

हाईलाइट्स -

भारत इस समय अपनी आजादी के 75वें वर्ष में है : PM मोदी !

हम सभी को अपने देश से प्रेम करना चाहिए : PM मोदी !

पढ़ाई को स्किल के साथ जोड़ा जा रहा है : PM मोदी !

सूरत/नई दिल्ली !!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को डिजिटल तरीके से गुजरात स्थित सूरत शहर के बाहरी इलाके में एक छात्रावास की आधारशिला रखी। मोदी ने वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए सुबह 11 बजे सूरत में छात्रावास के प्रथम चरण का भूमि पूजन किया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी वराछा-कामरेज मार्ग पर स्थित वालक गांव के पास होने वाले कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान एक संबोधन में आजाद भारत के पहले गृह मंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल का हवाला देते हुए PM ने कहा, ‘सरदार साहब ने कहा भी था- जाति और पंथ को हमें रुकावट नहीं बनने देना है। हम सभी भारत के बेटे और बेटियां हैं. हम सभी को अपने देश से प्रेम करना चाहिए, परस्पर स्नेह और सहयोग से अपना भाग्य बनाना चाहिए’। 

PM ने कहा कि भारत इस समय अपनी आजादी के 75वें वर्ष में है. ये अमृतकाल हमें नए संकल्पों के साथ ही, उन व्यक्तित्वों को याद करने की भी प्रेरणा देता है, जिन्होंने जनचेतना जागृत करने में बड़ी भूमिका निभाई. आज की पीढ़ी को उनके बारे में जानना बहुत आवश्यक है. मोदी ने कहा, ‘जो लोग गुजरात के बारे में कम जानते हैं, उन्हें मैं आज वल्लभ विद्यानगर के बारे में भी बताना चाहता हूं. आप में से काफी लोगों को पता होगा, ये स्थान, करमसद-बाकरोल और आनंद के बीच में पड़ता है. इस स्थान को इसलिए विकसित किया गया था ताकि शिक्षा का प्रसार किया जा सके, गांव के विकास से जुड़े कामों में तेजी लाई जा सके’।
 
सबका साथ, सबका विकास’ का सामर्थ्य गुजरात से ही सीखा : PM !

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ का सामर्थ्य क्या होता है ये भी मैंने गुजरात से ही सीखा है. एक समय गुजरात में अच्छे स्कूलों की कमी थी, अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों की कमी थी. उमिया माता का आशीर्वाद लेकर, खोड़ल धाम के दर्शन करके मैंने इस समस्या के समाधान के लिए लोगों को अपने साथ जोड़ा.’ उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रोफेशनल कोर्सेस की पढ़ाई स्थानीय भाषा में कराए जाने का विकल्प भी दिया गया है. अब पढ़ाई का मतलब डिग्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पढ़ाई को स्किल के साथ जोड़ा जा रहा है. देश अपने पारंपरिक स्किल्स को भी अब आधुनिक संभावनाओं से जोड़ रहा है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोरोना के कठिन समय के बाद हमारी अर्थव्यवस्था ने जितनी तेजी से वापसी की है, उससे पूरा विश्व भारत को लेकर आशा से भरा हुआ है. अभी हाल में एक विश्व संस्था ने भी कहा है कि भारत फिर दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है.’ पीएम ने कहा कि ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है कि भूपेंद्र भाई, एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो टेक्नोलॉजी के भी जानकार हैं और जमीन से भी उतने ही जुड़े हुए हैं. अलग-अलग स्तर पर काम करने का उनका अनुभव, गुजरात के विकास में बहुत काम आने वाला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी देश और समाज के लिए जीना सीखे, इसकी प्रेरणा भी आपके प्रयासों का अहम हिस्सा होना चाहिए. सेवा से सिद्धि के मंत्र पर चलते हुए हम गुजरात और देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाएंगे।

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