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पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस की सरकार, बहुमत साबित नहीं कर पाए नारायणसामी !!

by Khabar7 - 22-Feb-2021 | 12:02:13
पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस की सरकार, बहुमत साबित नहीं कर पाए नारायणसामी !!

22 फरवरी 2021.

हाईलाइट्स -

पुडुचेरी से नारायणसामी सरकार की विदाई तय !

बहुमत नहीं साबित कर पाई कांग्रेस गठबंधन !

पुडुचेरी !!

पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई है. आज स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार के पास बहुमत नहीं है. इसके बाद मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की विदाई तय हो गई है. गौरतलब है कि विधानसभा में कांग्रेस के पास उसके 9 विधायकों के अलावा 2 DMK और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है|

यानी कांग्रेस के पास 11 विधायकों (स्पीकर को लेकर 12) का समर्थन है, जबकि विधानसभा की वर्तमान स्थिति के मुताबिक उसे बहुमत के लिए 14 विधायकों का समर्थन चाहिए. हालांकि, फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी दावा करते रहे कि उनके पास निर्वाचित विधायकों में से बहुमत है|

हाथ उठवाकर हुई वोटों की गिनती !

उपराज्यपाल के निर्देशानुसार वोटों की गिनती हाथ उठवाकर की गई और विधानसभा की पूरी कार्यवाही की रिकॉर्डिंग हुई. बता दें कि कांग्रेस-DMK सरकार ने सदन में बहुमत खो दिया है. सत्ताधारी गठबंधन के छह विधायकों ने विश्वास मत से पहले इस्तीफा दे दिया है, जिसमें रविवार को दो विधायकों ने इस्तीफा दिया|

क्या है विधानसभा का गणित ?

33 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा में 30 सदस्य निर्वाचित और 3 सदस्य केंद्र सरकार की ओर से मनोनित होते हैं. 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं. एक विधायक को पार्टी द्वारा पिछले साल दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया गया था. इसके अलावा पांच विधायक अब तक इस्तीफा दे चुके हैं|

DMK ने कांग्रेस का समर्थन किया है. उसके तीन विधायक थे, लेकिन रविवार को इनमें से एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया. रविवार देर शाम तक कांग्रेस गठबंधन के पास 11 विधायकों (स्पीकर को छोड़कर) का समर्थन ही था, जिसमें कांग्रेस के 9, DMK के 2 और एक निर्दलीय विधायक शामिल है. अगर स्पीकर को जोड़ ले तो आंकड़ा 12 हो जाता है|

पुडुचेरी विधानसभा की संख्या 26 !

छह विधायकों के इस्तीफे और एक अयोग्यता के बाद पुडुचेरी विधानसभा की संख्या 26 है. प्रमुख विपक्षी दल ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस, ने 2016 के चुनावों में 8 सीटें जीती थीं, लेकिन उसका एक विधायक अयोग्य घोषित हो गया था और बाद में इस सीट को DMK ने जीत लिया था. यानी अभी AINRC के पास 7 विधायक, AIADMK के पास 4 विधायक हैं|

वहीं, भाजपा के पास 3 मनोनित विधायक हैं. यानी सरकार के समर्थन में 12 विधायक (स्पीकर को लेकर) हैं, जबकि विपक्ष में 14 विधायक हैं. कांग्रेस का कहना है कि उसके पास निर्वाचित विधायकों में से बहुमत है, यानी 23 में 12 विधायक उसके साथ हैं|

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