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क्या कहते है आपके सितारे? जानिए कैसा और कितना अच्छा गुजरेगा, आज आपका शनिवार !!

by Khabar7 - 18-Sep-2021 | 10:28:00
  क्या कहते है आपके सितारे? जानिए कैसा और कितना अच्छा गुजरेगा, आज आपका शनिवार !!

18 सितम्बर 2021

"खबर 7" के पाठको के लिए....
हरिद्वार से पंडित विपिन शास्त्री..!!  

आज शनिवार है
हिंदू धर्म के अनुसार हर माह त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस दिन प्रदोष व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की उपासना की जाती है। शनिवार के दिन प्रदोष व्रत आता है तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। शनि प्रदोष व्रत के दिन ये कथाएं अवश्य ही पढ़ी चाहिए।

कुछ इस प्रकार है शनि प्रदोष कथा:-

कथा के अनुसार एक बार शनि देव भगवान शिव के धाम हिमालय पहुंचे। उन्होंने अपने गुरुदेव भगवान शंकर को प्रणाम कर उनसे आग्रह किया, 'हे प्रभु! मैं कल आपकी राशि में आने वाला हूं अर्थात् मेरी वक्र दृष्टि आप पर पड़ने वाली है। शनिदेव की बात सुनकर भगवान शंकर हतप्रभ रह गए और बोले, 'हे शनिदेव! आप कितने समय तक अपनी वक्र दृष्टि मुझ पर रखेंगे।' शनिदेव बोले, 'हे नाथ! कल सवा प्रहर के लिए आप पर मेरी वक्र दृष्टि रहेगी। शनिदेव की बात सुनकर भगवन शिव चिंतित हो गए और शनि की वक्र दृष्टि से बचने के लिए उपाय सोचने लगे।'

शनि की दृष्टि से बचने हेतु अगले दिन भगवन शंकर मृत्युलोक आए। भगवान शंकर ने शनिदेव और उनकी वक्र दृष्टि से बचने के लिए एक हाथी का रूप धारण कर लिया। भगवान शंकर को हाथी के रूप में सवा प्रहर तक का समय व्यतीत करना पड़ा शाम होने पर भगवान शंकर ने सोचा, अब दिन बीत चुका है और शनि देव की दृष्टि का भी उन पर कोई असर नहीं होगा। इसके उपरांत भगवान शंकर पुनः कैलाश पर्वत लौट आए। भगवान शंकर प्रसन्न मुद्रा में जैसे ही कैलाश पर्वत पर पहुंचे उन्होंने शनि देव को उनका इंतजार करते पाया।

भगवान शंकर को देख कर शनि देव ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। भगवान शंकर मुस्कराकर शनि देव से बोले, 'आपकी दृष्टि का मुझ पर कोई असर नहीं हुआ।' यह सुनकर शनि देव मुस्कराए और बोले, 'मेरी दृष्टि से न तो देव बच सकते हैं और न ही दानव यहां तक कि आप भी मेरी दृष्टि से बच नहीं पाए।' यह सुनकर भगवान शंकर आश्चर्यचकित रह गए। शनिदेव ने कहा, मेरी ही दृष्टि के कारण आपको सवा प्रहर के लिए देव योनी को छोड़कर पशु योनी में जाना पड़ा इस प्रकार मेरी वक्र दृष्टि आप पर पड़ गई और आप इसके पात्र बन गए। शनि देव की न्यायप्रियता देखकर भगवान शंकर प्रसन्न हो गए और शनिदेव को हृदय से लगा लिया।

आज का पंचांग:-
हिंदू मास एवं वर्ष:- 
शक सम्वत : 1943 प्लव               विक्रम सम्वत: 2078 आनंद
पूर्णिमांत मास: भाद्रपद मास          आमांत मास: भाद्रपद 
आज का तिथि: शुकल पक्ष द्वादशी
आज का नक्षत्र: धनिष्ठा  
आज का योग: सुकर्म

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय:-
सूर्योदय: 06:26                           सूर्यास्त: 18:40
चंद्र राशि:  चन्द्रमा  मकर राशि में संचार करेंगे (दिन-रात)

पंचांग की गणना और सितारों की स्थितिनुसार प्रस्तुस्त है सभी 12 राशियों का राशिफल, कृपया अपनी राशि के अनुसार देखें !  

मेष: 
लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूसरे के काम में दखल न दें। पूजा-पाठ व सत्संग में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे।
राशि फलादेश

वृष:
व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्र व संबंधी सहायता करेंगे। आय बनी रहेगी। जोखिम न लें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग बाधा का कारण रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। छोटी सी गलती से समस्या बढ़ सकती है।
राशि फलादेश

मिथुन:
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।
राशि फलादेश

कर्क:
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी न करें। घर-बाहर अशांति रहेगी। कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। दु:खद समाचार मिलने से नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय से संतुष्टि नहीं रहेगी। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं।
राशि फलादेश

सिंह:
मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। कर्ज में कमी होगी। संतुष्टि रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अपना प्रभाव बढ़ा पाएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य की समस्याएं दूर होंगी।
राशि फलादेश

कन्या:
पार्टनरों का सहयोग समय पर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। दूसरों के काम में दखलंदाजी न करें। स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से बड़ा लाभ हो सकता है। प्रतिद्वंद्विता रहेगी।
राशि फलादेश

तुला:
घर-बाहर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। वस्तुएं संभालकर रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। व्यवसाय में जल्दबाजी से काम न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।
राशि फलादेश

वृश्चिक:
जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में सुकून रहेगा। निवेश लाभप्रद रहेगा। कार्य बनेंगे। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जल्दबाजी में धनहानि हो सकती है।

धनु:
मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। पार्टी व पिकनिक की योजना बनेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी।

मकर:
आय में निश्चितता रहेगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था नहीं होने से परेशानी रहेगी। व्यवसाय में कमी होगी। नौकरी में नोकझोंक हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। थकान महसूस होगी। अपेक्षित कार्यों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे।
राशि फलादेश

कुंभ:
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। धनार्जन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। अज्ञात भय व चिंता रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बगैर मांगे किसी को सलाह न दें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

मीन:
प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित होगा। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर सहयोग व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी।
 

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